Saturday, December 15, 2018
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Gonu Jha Chamarchhonch

मैथिली किस्सा – गोनू झाक चमरछोंच

मैथिली किस्सा : गोनू झा बड़ गूढ़ लोक छलाह। हुनका चीन्हब बड़ दुरूह काज छल। जिनगी पर्यन्त आ सभकेँ छकबिते रहलाह तेँ सम्पूर्णतामे ओ एक धूर्त पंडीजी रहथि से सभ मानैत रहनि आ ताही कारणे सभ हुनकासं साकाक्ष रहैत छल। के जानय, कखन कोन व्याजें कत छका बैसताह। एक बेरक गप्प

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gonu jha banquet - maithili samachar

मैथिली किस्सा – गोनू झा भोज कयलनि

मैथिली किस्सा : जखन गोनू झा बृद्ध पिताक देहावसान भ गेलनि त गौंआँ लोकनिकें प्रसन्नता भेलनि जे एकटा दमगर भोज पारि लागत। सरझप्पीक बाद गौंआँ सभ गोनू झा क दलान पर जुमैत गेलाह आ हुनक पिताक महानताक बखान करैत वृषोरत्सर्ग श्राद्धक संग असिद्ध भोज करबाक सुझाब देब लगलथिन। बेर बेर

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Gonu Jha and Sethji Maithili Story

मैथिली किस्सा – गोनू झा आ सेठजी

मैथिली किस्सा : एक समय गोनू झा गरीबीक दिन काटि रहल छलाह। एकटा सेठसं ओ सय टाका कर्ज लेलनि। ओकर सुदि बढ़ैत गेल, जे हजार धरि ठेकि गेल। एक दिन सेठजीकें पता लगलनि जे गोनू झाक पुत्र के विवाह भ रहल छैन। ओ सोचलनि जे ऐन मौका पर ओत पहुँचल

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Gonu Jha Baang Seed maithili story

मैथिली किस्सा – गोनू झा के बंगौर के चोरी

मैथिली किस्सा - गोनू झा रहथि सतर्क आ बुद्धिमान लोक छलाह। अपन बुद्धिमत्ता आ विद्वताक बल पर ओ सदैव मिथिलाक राजदरवार में आदर पाबथि आ यदा-कदा इनाम सेहो। एक बेर गोनू झा बांगक खेती नीक जकाँ कयने रहथि। उपजा सेहो नीक भेलनि। ओकरा बेचि नीक पाइ सेहो अर्जित कयलनि। मुदा

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Cat of Gonu jha maithili story

मैथिली किस्सा – गोनू झाक बिलाड़ी

मैथिली किस्सा - एक बेर राजाकें इच्छा भेलनि अत्यंत चतुर दरबारीक। एहि दृष्टिसं ओ दरबारी सभक एकटा बैसार आयोजित कयलनि। बैसारमे ओ कहलनि जे हमरा एकटा अत्यंत चतुर दरबारीक प्रयोजन अछि। ओकरा हम विचारकक रूपमे नियुक्त कर चाहैत छी, संगहि एहि विधायमे पारंगत व्यक्तिकें किछु बहुमूल्य उपहार देब चाहैत छी।

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andher nagari chaupat raja - MaithiliSamachar

मैथिली किस्सा – ‘अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा’

मैथिली किस्सा: एक समयक बात अछि, कोशी नदीके किनारे एगो गुरु अपन चेला चिंतामणि के संग कुटिया बना के रहय छैलैथ। एक दिन गुरु आ चेला दुनु गोटे तीर्थयात्रा पर निकललाह। बहुत दूर चलला पर दुनू गोटे एगो अनजान नगर में पहुँचलाह। नगर पहुँचला पर एगो बगीचा में खोपड़ी बना के

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मैथिली किस्सा - गोनू झाक पुरस्कार (Maithili Samachar)

मैथिली किस्सा – गोनू झाक पुरस्कार

मैथिली किस्सा : मिथिला दरबार प्रवेश द्वार पर नियुक्त एकटा द्वारपाल अत्यधिक लोभी आ घुसखोर छल। प्रायः दोसरे-तेसरे गोनू झाकेँ किछु-ने-किछु पुरस्कार भेटैत छलनि आ से देखि ओही द्वारपालकेँ करेज फाटय लगैक। ओ सदिखन मनमे यैह योजना बनाबय जे कोहुना गोनू झा केँ फेरमे देल जाय, जाहिसँ प्राप्त पुरस्कारक किछु

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